Sunday, June 14, 2009

मंजिल

पार आना चाहा
रास्ते न थे
दूर जाना चाहा
मंजिल न थी
न जाने ये क्या था
खींच लाया पास तुम्हारे
बिना मंजिल बिना रास्ते।
31.1.1988


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